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लेखनी कहानी -17-Aug-2024

        विषय:- संतान ( बाप-बेटी)


    बेटी की सिसकियों को देख,
    रोता है एक बाप ।
    नाजों से पाल जिसे अपने आंखों का
    तारा बनाया,
    उसे क्यों न अपने पास रख पाया ।
    निभा दुनिया की रीत,
    बेटी को पराया बनाया।।
    जिसकी ख़ुशी से सारा, घर चमकता था,
    उसे किसी और के घर, का श्रृंगार बनाया ।
     हे भगवान क्यों मुझे ,
    ‌    एक बेटी का बाप बनाया 
      जो अपनी बेटी को इस,
‌        ज़ालिम संसार से न बचा पाया।।
    

                        ~~   रबिना विश्वकर्मा 

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1 Comments

Arti khamborkar

19-Aug-2024 09:54 AM

v nice

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